बेगूसराय के दिनकर सभागार में बड़े धूमधाम से मनाया गया जल ‘जीवन हरियाली संवाद यात्रा’

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  • बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में जल जीवन हरियाली संवाद यात्रा बड़े धूमधाम से मनाया गया।
  • सात निश्चय-2 के तहत बिहार के सभी विभागों के बचें कार्यों को शीघ्रता पूर्वक संपन्न कराया जा रहा है।
  • जल जीवन हरियाली संवाद यात्रा में जिले के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी सहित स्कूली बच्चे तथा जीविका के सभी पदाधिकारी गण मौजूद थे।
दिनकर सभागार में जल जीवन हरियाली संवाद यात्रा को संबोधित करते पदाधिकारी गण।

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से ‘जल जीवन हरियाली योजना भी एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे समूचे बिहार में पुनः सक्रिय रूप से संचालित करने के उद्देश्य से सात निश्चय-2 के तहत एक अणे मार्ग पटना से संवाद यात्रा प्रारम्भ कर 25 अप्रैल 2022 से 27 मई 2022 तक चलाया गया । इसका शुभारंभ बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार तथा देश के जाने-माने पार्यावरणविद् जलपुरूष श्री राजेन्द्र सिंह के द्वारा किया गया तथा इस यात्रा का संयोजन पर्यावरण प्रेमी एवं जलप्रहरी श्री मनोहर मानव के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में शामिल सभी पदाधिकारीगणों का सम्मिलित फोटो।

बढ़ती हुई भयानक गर्मी , असामयिक वर्षा , ग्लेशियर का पिघलना , कहीं भयंकर बाढ़ तो कहीं सूखा की त्रासदी , छोटी – बड़ी नदियों में भयंकर प्रदूषण , वन क्षेत्र का कम होना , भूगर्भ में जलस्तर की कमी , जल आपदा आदि ने मानव जीवन पर संकट खड़ा कर रखा है । इस परिस्थिति में बिहार की सरकार ने एक वैश्विक महत्व का पहल ” जल जीवन हरियाली ” के रूप में किया है, बिहार के इस पर्यावरणीय पहल से आज देश और दुनिया को प्रेरणा मिल रही है जल जीवन हरियाली के कार्यक्रम में जब तक राज्य के साथ समाज की व्यापक भागीदारी नहीं होगी तब तक यह अभियान पूर्ण रूपेण सफल नहीं होगा।यह यात्रा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के विचार को केन्द्र में रखते हुए पर्यावरणीय चेतना को जगाने के लिए राज और समाज के बीच सार्थक संवाद कर रही है।वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय असंतुलन ने पूरी दुनिया पर संकट लाकर खड़ा कर दिया है । बिहार में बाढ़ और सुखा का स्थाई समाधान भी हमारे परंपरागत ज्ञान तंत्र में छिपा हुआ है ।

 

कार्यक्रम में शामिल मनरेगा कर्मी, जीविका कर्मी तथा स्थानीय स्कूल के बच्चे।

इसीलिए यह यात्रा राज एवं समाज से संवाद स्थापित कर रही हैं ताकि बिहार के स्थानीय ज्ञान तंत्र के माध्यम से हम बिहार को बाढ़-सुखाड़ से मुक्त करने का प्रयत्न कर सकें । आज भी हम अगर परंपरागत जल स्त्रोतों आड़ में जल सोख्ता , ताल , पाल , झाल ,पौधारोपण तथा प्रकृति संवर्धन के प्रति अपनी निजी तथा सामाजिक जवाबदेही बोध नहीं किए तो , हम आने वाली पीढ़ी पर एक भयंकर खतरा सौंप रहे है । इसी निर्मित यह यात्रा आम नागरिकों ,विशेषकर रचनात्मक संगठनों , | बुद्धिजीवियों , सामाजिक – राजनैतिक कार्यकत्ताओं , जनप्रतिनिधियों , मीडियाकर्मियों आदि से संपर्क कर, परस्पर विचार – विमर्श , खुली चर्चा , जीवन्त बहस और सार्थक संवाद स्थापित कर रही है ज्ञात हो कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने यह कहा था की यह पृथ्वी सबकी जरूरतों को पूरा कर सकती है , लेकिन किसी एक व्यक्ति का लालच पूर्ति नहीं कर सकती । यह मौलिक विचार ही प्रकृति को संवर्धित तथा समाज में शान्ति स्थापित करेगी ।

नामांकन प्रारंभ है जल्द ही संपर्क करें।

अतःआइए हम सब मिलकर राज्य एवं समाज के बीच संवाद कर परस्पर विश्वास , सहयोग और समन्वय से वृक्षारोपण , जल संरक्षण , नदियों की अविरलता , निर्मलता सुनिश्चित कर इस पूरे राज्य को हरा – भरा बनाया जाए तथा प्रकृति का सरंक्षण कर पर्यावरणीय न्याय के साथ समाज को नई रफ्तार दी जाए ।

इस यात्रा का समापन कार्यक्रम संपूर्ण बिहार के अपने-अपने जिला मुख्यालय में संपन्न हुआ इसी कड़ी में बेगूसराय जिला के दिनकर सभागार में बड़े धूमधाम के साथ इस कार्यक्रम को समापन किया गया मौके पर पर्यावरणविद् जलपुरुष डॉ राजेन्द्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी व जल प्रहरी श्री मनोहर मानव संपूर्ण जिले के जीविका दीदी, मनरेगा के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी गण एवं जिले के सरकारी स्कूल के कई छात्र-छात्राओं, बेगूसराय डीडीसी के पदाधिकारीगण , कावर ताल के अभियंता तथा हजारों के संख्या में जिले के की पर्यावरण प्रेमी मौजूद थे।