समस्तीपुर में बांस के उत्पाद तो सुपौल, मधेपुरा में मखाना का स्वाद चखेंगे यात्री

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समस्तीपुर में बांस के उत्पाद तो सुपौल, मधेपुरा में मखाना का स्वाद चखेंगे यात्री

रेल मंडल के 15 स्टेशनों पर एक स्टेशन , एक उत्पाद के तहत चयनित

प्रतिनिधि, समस्तीपुर : समस्तीपुर जंक्शन पर ट्रेनों से उतरते ही यात्रियों को बांस से बने शिल्प उत्पाद नजर आएंगे. इसके अलावा रुसेराघाट स्टेशन पर भी बांस की बनी कलाकृतियां यात्रियों को बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी. वही दौरम मधेपुरा स्टेशन पर मखाना तो नरकटियागंज में मशहूर मरीचा चूड़ा का स्वाद भी या यात्री चख सकेंगे. समस्तीपुर रेल मंडल ने मंडल के 15 स्टेशनों को चयनित करते हुए एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत समान की बिक्री की व्यवस्था करने जा रहा है. स्थानीय उद्योग, शिल्पकार व कलाकृतियों को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है. इसके लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रक्रिया शुरू हो जाने की उम्मीद है.

रक्सौल में मिथिला पेंटिंग को जगह

जयनगर और कुर्था के बीच ट्रेन का परिचालन शुरू हो जाने के बाद पर्यटन को बढ़ावा देते हुए देख जयनगर स्टेशन पर मिथिला पेंटिंग की बिक्री की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा पर्यटकों को देखते हुए रक्सौल स्टेशन पर भी मिथिला पेंटिंग के बने उत्पाद स्टेशन के काउंटर पर उपलब्ध होंगे.
मिलेगी जगह
मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से इन उत्पादों को यात्रियों को मुहैया कराने के लिए प्लेटफार्म पर स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा. जहां इन उत्पादों की बिक्री यात्रियों को की जा सकेगी. इसके लिए रेलवे नाम मात्र की टोकन राशि लेगा.योजना का उद्देश्य रेलवे परिसर का उपयोग कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना हैै. रेलवे के इस प्रयास से स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प व हथकरघा व्यवसाय से जुड़े उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी और रेल यात्रियों के लिए भी स्थानीय उत्पाद की जानकारी होने के साथ ही उन्हें उपलब्ध भी हो सकेगा.

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इन स्टेशनों को किया गया चयनित
स्टेशन. उत्पाद
सहरसा. जुट
समस्तीपुर बांस से बने उत्पाद
बेतिया. मरीचा चूड़ा
जयनगर मिथिला पेंटिंग
मधुबनी. मिथिला पेंटिंग
रक्सौल मिथिला पेंटिंग
नरकटियागंज मरीचा चूड़ा
सीतामढ़ी लाह चूड़ी
बगहा मरीचा चूड़ा
सुपौल. मखाना
मधेपुरा मखाना
सिमरी बख्तियारपुर मखाना
रुसेराघाट बास से बने उत्पाद
बापूधाम मोतिहारी. सीप से बने उत्पाद