ऐतिहासिक पंचूसिंह पोखर जोह रहा जिर्णोद्धार की बाट ।

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गढ़पुरा बेगूसराय :-   गढ़पुरा प्रखंड मुख्यालय के समीप पंचूसिंह पोखर है । इसी के समीप नमक सत्याग्रह स्मारक भी है जिसमें बिहार केशरी श्री बाबू के नाम संग्रहालय में प्रतिमा भी है । गढ़पुरा राष्ट्रीय मानचित्र में ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह नगर के रूप में अंकित है । एक ओर सरकार जल जीवन हरियाली योजना को लेकर बिहार के तमाम कुआं एवं पोखरों का जीर्णोद्धार करवा रही है वही गढ़पुरा प्रखंड के मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक पंचूसिंह पोखर की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है बताया जाता है ।

गढ़पुरा पंचूसिंह पोखर की तस्वीर।

पूर्व में तीन जनप्रतिनिधियों के द्वारा योजनाओं को संचालित करने के बाद भी इस पोखर का अभी तक कायाकल्प नहीं हो पाया है ।संपूर्ण पोखर जलकुंभी से भरा हुआ है एवं पोखर के तीन दिशा में अतिक्रमण होने के कारण यह सिकुड़ती जा रही है ।

यह पोखर गढ़पुरा प्रखंड के धार्मिक आस्था केंद्र भी माना जाता है पोखर में छठ महापर्व के साथ ही क्षेत्र के तमाम मूर्ति विसर्जन का कार्य यही संपन्न किया जाता है एवम इसके मुहाने पर प्रतिवर्ष भास्कर भगवान की प्रतिमा स्थापित कर तीन दिवसीय कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है । कुछ लोगों के द्वारा पोखर में अनावश्यक चीजों को फेंकने एवं अतिक्रमण को लेकर के इस पोखर की ऐतिहासिक छवि धूमिल होती जा रही है ।

युवा सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष ऋतुराज कुमार ने बताया कि उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर बरसात के समय में पोखर में पानी का बहाव भी होता है अतिक्रमणकारियों के द्वारा मुहाना को अतिक्रमण किए जाने से पानी के बहाव मे रूकावट उत्पन्न हो रही है क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि इस पर वर्तमान में कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसका नतीजा है कि पूरा पोखर गाद एवं जलकुंभी से भरा हुआ है । पूर्व में छठ महापर्व को लेकर आम लोगों के सहयोग से छठ व्रतियों की सुविधा के लिए कुछ दूर तक जलकुंभी को साफ करवाया था । ताकि छठ महापर्व संपन्न हो सके उसके बाद पोखर की स्थिति जस की तस बनी हुई है ।

प्रखंड क्षेत्र के तमाम नागरिकों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी से इस पोखर को तत्काल अतिक्रमण मुक्त करवाते हुए योजनाओं को चलाकर इसके जीर्णोद्धार की मांग की हैं ।

चैती छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।